भोपाल में दो दिवसीय विहासा वर्कशॉप का आयोजन


भोपाल ३१ अगस्त 2019: डॉक्टर्स को पहले खुद को ठीक करना होगा: डॉ. मनोज, मोटिवेशनल स्पीकर
– मेडिकल एजुकेशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी शिवशेखर शुक्ला बोले- हमारा व्यवहार दिखावटी नहीं बल्कि अंदर से साफ और स्वच्छ हो।
– विहासा की पुणे, दिल्ली और माउंट आबू से आए मोटिवेशनल स्पीकर्स और मेंटर ने शहर के डॉक्टर्स को खेल-खेल में बताया वैल्यूज का महत्व
– दो दिवसीय विहासा वर्कशॉप का शुभारंभ, आज भी फुल डे चलेगी
31 अगस्त, भोपाल।
ब्रह्ााकुमारीज़ संस्थान के नीलबड़ सुख-शांति भवन में शनिवार से दो दिवसीय विहासा वर्कशॉप की शुरुआत की गई। इसमें पहले विहासा टीम के दिल्ली, पुणे और माउंट से पधारे मेंटर व मोटिवेशनल स्पीकर्स ने शहर के डॉक्टर्स के लिए ग्रुप डिस्कशन, वैल्यूज गेम्स, अफरमेशन और पेटिंग्स के जरिए लाइफ में वैल्यूज, हेल्थ, हैप्पीनेस और स्प्रीचुऑलिटी का महत्व बताया। वर्कशॉप का आयोजन ब्रह्ााकुमारीज़ के मेडिकल विंग की ओर से किया गया। इसमें शहर के नामी गिरामी सौ से अधिक डॉक्टर्स ने भाग लिया। वर्कशॉप में रविवार को भी सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक अलग-अलग एक्टीविटीज और मोटिवेशनल सेशन के द्वारा डॉक्टर्स को मोटिवेट किया जाएगा। साथ ही एक्सपर्ट द्वारा राजयोग मेडिटेशन के टिप्स बताए जाएंगे।
मरीज का डॉक्टर पर विश्वास जरूरी…
कार्यशाला के उद्घाटन पर मुख्य अतिथि मेडिकल एजुकेशन के प्रिंसिपल सेक्रेटरी शिवशेखर शुक्ला ने कहा कि जिस विषय को लेकर कार्यशाला रखी गयी है वर्तमान में ये सभी डॉक्टरों के लिए बहुत जरूरी है। समाज में डॉक्टर पर विश्वास नहीं तो कैसे मरीज का विश्वास बढ़ेगा। हमारा व्यवहार दिखावटी नहीं बल्कि अंदर से साफ और स्वच्छ हो।
डॉक्टर्स को पहले खुद को ठीक करना होगा…
पुणे से पधारे विहासा टीम के को-ऑर्डिनेटर जेहनगिर हॉस्पिटल के न्यूरोलॉजिस्ट व फिजिशियन डॉ. मनोज मथनानी ने कहा कि डॉक्टर्स का पेशा हाईरिस्क प्रोफेशन है। हम जितना दुआएं कमा सकते हैं तो उतना ही उसके अपोजिट भी। आज हमारे अंदर सेल्फ स्ट्रीम कम हो गया है। हमें टटोलना होगा कि हम जिम्मेदार हैं कि वो (पेसेंट) जिम्मेदार हैं। वैल्यूज की कमी के कारण ही आज डॉक्टर्स और पेसेंट के बीच ये खाई आती जा रही है। इस रिलेशन को सुधारने और विस्वास पूर्ण बनाए रखने के लिए हमें मंथन करना होगा। विहासा प्रोग्राम का उद्देश्य पर्सनल डेवलपमेंट है। पहले डॉक्टर को खुद ठीक करना होगा। टीम वर्क से काम करना होगा।
दिनचर्या में शामिल करें मेडिटेशन….
ब्रह्माकुमारीज़ के भोपाल जोन की जोनल डायरेक्टर ब्रह्माकुमारी अवदेश दीदी ने कहा कि डॉक्टर का पेशा बहुत जिम्मेदारी पूर्ण और धैर्यता वाला है। अपनी दिनचर्या में मेडिटेशन शामिल करें। इससे हमारी इनर पॉवर बढ़ती है। छतरपुर से पधारीं ब्रह्माकुमारी शैलजा दीदी ने कहा कि यदि जीवन में शांति और प्रेम है तो सबकुछ है। सुख- शांति भवन की डायरेक्टर ब्रह्माकुमारी नीता दीदी ने स्वागत भाषण देते हुए, कार्यशाला को डॉक्टर्स के लिए उपयोगी बताया। संचालन बीके राम भाई ने किया।
तीन ग्रुप बनाकर कराई एक्टिविटीज…
वर्कशॉप के शुभारंभ के बाद सभी पार्टिसिपेंड के तीन ग्रुप बनाए गए। तीनों के वैल्यूज पर नाम रखे गए। इसके बाद डॉक्टर्स को एक-दूसरे के बारे में जानने के लिए कहा गया। साथ ही अपने जीवन की एक विशेषता और मूल्य सांझा करने के लिए कहा। इसके बाद सभी को अपना मेंटर, फेवरेट सॉन्ग, बुक, सीन, प्लेस आदि के बारे में फॉर्म के माध्यम से लिखवाकर उन्हें मंच से शेयर करके सभी को बताया गया। इस दौरान नई दिल्ली से मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के पैथोलॉजी डिपार्टमेंट की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रीना तोमर, माउंट आबू से ग्लोबल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की फिजियोशोथैरेपिस्ट डॉ. हेमलता पीटी, फॉरेन बैंक इन गुरुग्राम की एचआर हैड बीके प्रभा शर्मा, माउंट आबू से स्प्रीचुअल काउंसलर बीके कल्पना, दिल्ली से राजयोग मेडिटेशन टीचर बीके दिव्या स्प्रीचुअलिटी पर अपने अनुभव शेयर किए।

पीस, लव, हैप्पी और हेल्दी लाइफ के लिए ये मंत्र दिए…..
– दिन की शुरुआत पॉजिटिव अफर्मेशन के साथ करें।
– रोजाना कुछ समय निकालकर मेडिटेशन जरूर करें, इससे क्रिएटिविटी बढ़ेगी और अपने गोल पर अच्छे से फोकस कर पाएंगे।
– अपने फैमली मेम्बर में जो वैल्यूज हैं उनकी सराहना करें और उन्हें मोटिवेट करें।
– ऑफिस या अपने वर्कप्लेस पर जाते ही
सभी को गुड मॉर्निंग करें, इससे पॉजिटिव वाइब्रेशन फैलते हैं माहौल खुशनुमा होता है।
– जब डॉक्टर्स हॉस्पिटल में एडमिट मरीज को देखते जाते हैं तो उनकी पूरी बात सुनें और प्रेमपूर्ण व्यवहार करने से वह जल्दी ठीक होता है।
– एक पेसेंट का डॉक्टर्स के प्रति जितना ज्यादा ट्रस्ट होता है वह उतनी जल्दी ठीक होता है,इसलिए पेसेंट का ट्रस्ट बनाए रखें।
– डॉक्टर्स को एक अच्छा मेंटर, मोटिवेशनल और क्रिएटिव नेचर का होना चाहिए।
– अपनी दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर अपनी हॉबीज को टाइम दें।
– डॉक्टर्स के अंदर पेसंस होना बहुत जरूरी है।

लाइफ में मेंटली हेल्थ के ये टूल्स इम्पोर्टेन्ट…
– मेडिटेशन
– विजुलाइजेशन
– रिफ्लेक्शन
– एप्रिसिएशन
– लिसनिंग
– क्रिएटिविटी
– प्लेफुलनेस