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Bhopal- Dadi Janki Inaugurates New Brahma Kumaris Centre ‘Sukh-Shanti Bhawan’ at Neelbad

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ट्रस्टी होकर कर्म करेंगे तो टेंशन नहीं होगा: दादी जानकी
 
– पुलिस बैंड की धुन पर दादीजी ने शिव ध्वजारोहण कर सुख-शांति भवन लोकसेवा को किया समर्पित
– योग से कराई शांति की अनुभूति, भोपाल की स्वच्छता की सराहना की और सुंदर शहर बताया
– सांसद आलोक संजर बोले- ये भावों से भरा केंद्र
 
09 जनवरी, भोपाल।पुलिस बैंड की धुन और पुष्पवर्षा के बीच शिव ध्वजारोहण कर दादी जानकी ने बुधवार को ब्रह्माकुमारीज संस्थान के नीलबड़ स्थित सुख-शांति भवन को लोकसेवा, जनकल्याण और जनहित के लिए समर्पित कर दिया। इस दौरान माउंट आबू से पधारे गायकों की मधुर स्वर लहरियों ने गृह प्रवेश समारोह में चार चांद लगा दिए।
तीन दिवसीय आध्यात्मिक सत्संग महोत्सव में 103 वर्षीय दादी जानकी ने ओम शांति के महामंत्र के साथ संबोधन की शुरुआत की। दादी ने कहा कि यदि हम कारोबार करते हुए ट्रस्टी होकर रहेंगे और कर्म करेंगे तो टेंशन नहीं होगा। हर आत्मा में पांच गुण हैं- पवित्रता, सत्यता, नम्रता, मधुरता और शांति। इन गुणों को जानकर जीवन चरित्र में उतारना होगा। मन-वचन-कर्म की पवित्रता ब्रह्माकुमारीज का पहला धर्म है। कारोबार में सत्यता और व्यवहार में नम्रता-मधुरता हो। जीवन में शांति सबसे महत्वपूर्ण है। हम सभी आत्माएं पहले शांतिधाम फिर सुखधाम में जाती हैं। कर्म करते हुए हमारी अवस्था विदेही (आत्मा को देह से अलग होने की अनुभूति) और न्यारेपन की हो।
मेरे तीन बच्चे हैं- सुख-शांति और प्रेम: दादी
दादी जानकी ने लंदन का अनुभव सुनाते हुए कहा कि जब मैं पहली बार लंदन पहुंची तो वहां के लोगों ने पूछा कि आपके बच्चे नहीं हैं तो मैंने कहा कि मेरे दो बच्चे हैं- सुख और शांति। मेरा पति दिलवाला (परमपिता शिव परमात्मा) है। अब मेरा तीसरा बच्चा है प्रेम। जीवन का आधार सुख-शांति और प्रेम है। दिलाराम के साथ अच्छे से जीवन जीने का वरदान मिला है। इस भवन से भोपालवासियों की सुख-शांति की तलाश पूरी हो सकेगी। बाद में दादी ने सभी को योग से शांति की अनुभूति कराई।
ये भावों से भरा केंद्र है: सांसद
सांसद आलोक संजर ने कहा कि ये भावों से भरा केंद्र है। ये भवन प्रेम की ईंटें और श्रद्धा की रेत-सीमेंट से बना है और इसे सुख-शांति के पावन जल से सींचा गया है। चारों दिशाओं में सुख-शांति हो मेरी यही कामना। डीजी पुलिस मैथिलीशरण गुप्ता ने कहा कि आज चारों ओर नकारात्मकता का माहौैल है। धन की अंधी दौड़ चल रही है। ऐसे में ब्रह्माकुमारीज संस्थान समाज में सकारात्मक वातावरण का निर्माण कर रही है। ऐसे प्रयासों से ही धरती पर स्वर्ग आएगा।
सभी को कराई प्रतिज्ञा…
भोपाल जोन की जोनल निदेशिका बीके अवधेश ने सभी को प्रतिज्ञा कराई की दादी के बताए मार्ग पर सदा चलते रहेंगे। नीलबड़ सुख-शांति भवन की निदेशिका बीके नीता बहन ने कहा कि परमात्मा का ही कमाल है जो इतना विशाल भवन तैयार हो गया और जरा सी भी चिंता नहीं हुई। माउंट आबू से पधारे शांतिवन के प्रबंधक बीके भूपाल ने भी संबोधित किया। संचालन चंडीगढ़ से पधारीं बीके अनीता दीदी ने किया। माउंट आबू से पधारे सौ से अधिक बालब्रह्मचारी साधकों का साफा और चुनरी से सम्मान किया गया। छतरपुर से पधारीं छोटी बालिकाओं ने बहुत ही सुंदर मयूर नृत्य की प्रस्तुति दी।
स्वच्छ मिशन की ब्रांड एंबेसेडर ने भोपाल की स्वच्छता को सराहा….
महोत्सव के बाद शहर भ्रमण पर निकलीं स्वच्छ भारत मिशन की ब्रांड एंबेसेडर दादी जानकी ने भोपाल में साफ-सफाई देखकर यहां की स्वच्छता की जमकर सराहना की। दादी ने कहा कि भोपाल बहुत ही सुंदर शहर है। यहां के प्रशासन ने स्वच्छता पर विशेष काम किया है। इसके साथ ही दादी ने बड़े तालाब में वोटिंग भी की।

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Launching of 10 Crore Addiction-Free Pledge Mega Campaign

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मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने किया “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” का राज्य स्तरीय शुभारंभप

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने किया “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” का राज्य स्तरीय शुभारंभ
भोपाल, 2 अगस्त
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के राजयोग भवन अरेरा कॉलोनी द्वारा रविवार को “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” का राज्य स्तरीय शुभारंभ नीलबड़ स्थित सुख शांति भवन मेडिटेशन रिट्रीट सेंटर के अनुभूति सभागार में, मध्यप्रदेश के *माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल* के मुख्य आतिथ्य में  संपन्न हुआ। कार्यक्रम में *मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष श्री अवधेश प्रताप सिंह, ब्रह्माकुमारीज़ की वरिष्ठ राजयोगिनी बीके नीता दीदी, सीहोर से पधारी बीके पंचशीला दीदी, मुरैना से पधारी बीके रेखा दीदी, बीके आराधना बहन* सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं राष्ट्रगान से हुआ।
*अपने प्रेरक उद्बोधन में माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल* जी ने कहा कि नशे की समस्या का स्थायी समाधान केवल दंड या उपचार नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना का विकास है। जब व्यक्ति अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानता है और जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाता है, तब उसके भीतर आत्मबल, विवेक और सही निर्णय लेने की शक्ति स्वतः विकसित होती है।  उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान की सेवाओं की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि संस्था वर्षों से समाज में चरित्र निर्माण, नैतिक मूल्यों, महिला सशक्तिकरण, आध्यात्मिक जागृति तथा नशामुक्ति के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है।

राज्यपाल महोदय ने कहा कि आज आवश्यकता ऐसे अभियानों की है जो केवल संदेश न दें, बल्कि लोगों के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाएं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “10 करोड़ नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान” देश में जनजागरण का एक ऐतिहासिक अभियान सिद्ध होगा तथा इसमें ब्रह्माकुमारी संस्थान की भूमिका अत्यंत प्रेरणादायी रहेगी।

*सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह* ने कहा कि नशामुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा, जब शासन और समाज मिलकर इस दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा चलाए जा रहे जनजागरण अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान लाखों युवाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा।
*राजयोग भवन अरेरा कॉलोनी प्रभारी, वरिष्ठ राजयोगिनी बीके नीता दीदी जी*  ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि आज का समय केवल भौतिक प्रगति का नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागृति का भी है। समाज में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति, तनाव और पारिवारिक विघटन का स्थायी समाधान केवल कानून से नहीं, बल्कि आत्मजागृति और संस्कारों से संभव है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान वर्षों से राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से व्यक्ति, परिवार और समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रहा है और यह अभियान उसी सेवा यात्रा का महत्वपूर्ण चरण है।
 *मुरैना से पधारी वरिष्ठ राजयोगिनी बीके रेखा बहन* ने कहा कि किसी भी प्रकार का नशा व्यक्ति को मानसिक रूप से कमजोर कर देता है। यह धीरे-धीरे उसके मनोबल, बुद्धिबल और निर्णय क्षमता को क्षीण कर देता है। मनुष्य क्षणिक आनंद की तलाश में नशे की ओर आकर्षित होता है, लेकिन वही आनंद आगे चलकर उसके जीवन का सबसे बड़ा बंधन बन जाता है। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य के पास सुविधाएं और साधन पहले से कहीं अधिक हैं, लेकिन मन की शांति लगातार कम होती जा रही है। यदि प्रतिदिन कुछ समय स्वयं के लिए निकालकर राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास किया जाए, तो व्यक्ति भीतर से शक्तिशाली बनता है और किसी भी प्रकार के व्यसन से सहज ही दूर रह सकता है।
*सीहोर से पधारी वरिष्ठ राजयोगिनी पंचशिला दीदी* जी ने कहा कि आज का सबसे बड़ा संकट संसाधनों का नहीं, बल्कि आत्मिक शक्ति का है। जब मनुष्य स्वयं से दूर हो जाता है, तभी तनाव, अवसाद, क्रोध और नशे जैसी बुराइयाँ उसके जीवन में प्रवेश करती हैं। उन्होंने कहा कि अध्यात्म व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है और राजयोग मेडिटेशन उसे भीतर से इतना सशक्त बना देता है कि वह किसी भी प्रकार के व्यसन पर सहज विजय प्राप्त कर सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति प्रतिदिन कुछ समय आत्मचिंतन और परमात्म स्मृति में लगाए, तो न केवल उसका जीवन बदलेगा, बल्कि परिवार और समाज भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा।
इसके पश्चात *बीके आराधना बहन ने उपस्थित सभी अतिथियों एवं नागरिकों को राष्ट्रीय नशामुक्ति प्रतिज्ञा* दिलाई तथा *बीके हेमा बहन ने राजयोग मेडिटेशन* का अभ्यास कराया।इसके पश्चात सभी *माननीय प्रधान मंत्री जी से लाइव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी रूबरू हुए* जिसमें उन्होंने किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की।कार्यक्रम का *कुशल मंच संचालन वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक राम भाई जी* ने किया। अंत में सभी अतिथियों ने ब्रह्माभोजन ग्रहण किया तथा नशामुक्त, स्वस्थ एवं मूल्यनिष्ठ भारत के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।
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सुख शांति भवन, नीलबड़ भोपाल द्वारा “ कर्म/ योग द्वारा सशक्त भारत ” विषय पर विशेष कार्यक्रम

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, सुख शांति भवन, नीलबड़ भोपाल द्वारा “ कर्म/ योग द्वारा सशक्त भारत ” विषय पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रेरणादायक कार्यक्रम में मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय के एनसीसी के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को कर्म योग की गहराई से परिचित कराना था, जिससे वे अपने दैनिक जीवन के प्रत्येक कर्म को परमात्मा की याद में रहकर श्रेष्ठ और सुखदायी बना सकें। सुबह से लेकर शाम तक आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने यह सीखा कि किस प्रकार हर कार्य को ईश्वर स्मृति में रहकर करने से वह कार्य न केवल सफल होता है, बल्कि स्वयं और दूसरों के लिए सुखद अनुभव भी बनता है।

कार्यक्रम के अंत में “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत सभी छात्रों ने नशा मुक्त जीवन जीने की प्रेरणादायक प्रतिज्ञा ली। इस दौरान बीके मिताली बहन ने कार्यक्रम का सुंदर संचालन किया और सभी को सहज एवं प्रभावशाली ढंग से मार्गदर्शन प्रदान किया।

बीके डॉ. प्रियंका द्वारा कर्म योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भारत को सशक्त एवं स्वर्णिम बनाने की प्रेरणा दी गई। उन्होंने बताया कि जब हर व्यक्ति अपने कर्मों को योगयुक्त बनाता है, तो समाज और राष्ट्र दोनों ही उन्नति के पथ पर अग्रसर होते हैं।

यह कार्यक्रम युवाओं के लिए एक नई दिशा और सकारात्मक सोच का संदेश लेकर आया, जिससे वे अपने जीवन में आध्यात्मिकता को अपनाकर स्वयं एवं समाज को बेहतर बना सकें।

ओम शांति

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World Brotherhood Day Blood Donation camp

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ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय में रक्तदान महाअभियान के तहत शिविर जारी”
 *”सर्व प्रथम सुख शांति भवन की निदेशिका राजयोगिनी नीता दीदी एवं साथी ब्रह्मकुमारी बहनों ने उमंग उत्साह से किया रक्तदान”*
 *“विश्व बंधुत्व दिवस पर सुख शांति भवन, नीलबड़ में भी रक्तदान शिविर का शुभारंभ”*
 *“पहले दिन सैकड़ों लोगों ने किया रक्तदान, कल भी रहेगा आयोजन”*
 *“रक्तदान के साथ सभी को दिलाई गई नशा मुक्ति की प्रतिज्ञा”*
 *”शिविर में रक्तदान को लेकर नगर वासियों में रहा खासा उत्साह”*
भोपाल। विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्था की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को सुख शांति भवन, नीलबड़ में दो दिवसीय रक्तदान शिविर का शुभारंभ हुआ। यह शिविर संस्था द्वारा चलाए जा रहे रक्तदान महाअभियान का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत पूरे देश के हजारों सेवा केंद्रों पर एक साथ रक्तदान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।
आज पहले दिन बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न संस्थानों के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और रक्तदान किया।
सुख शांति भवन की निदेशिका आदरणीय राजयोगिनी नीता दीदी ने बताया कि “रक्तदान केवल किसी ज़रूरतमंद को जीवन देने का कार्य नहीं है, बल्कि यह करुणा, सहयोग और भाईचारे की सजीव मिसाल है। दादी प्रकाशमणि जी का जीवन मानवता की सेवा और विश्व बंधुत्व को समर्पित था, और इस प्रकार के सेवा कार्य उन्हीं के आदर्शों को आगे बढ़ाते हैं।”
डॉ. संजीव जयंत (असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट, हमीदिया अस्पताल) ने कहा कि नियमित रक्तदान दाता के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इससे शरीर में नया रक्त बनने की प्रक्रिया तेज होती है, रक्त स्वच्छ और पतला रहता है तथा हृदय रोगों की संभावना कम होती है।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को नशा मुक्ति की सामूहिक प्रतिज्ञा भी दिलाई गई, जिसमें उन्होंने संकल्प लिया कि वे जीवन में किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
आज रक्तदान करने वाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए और दादी प्रकाशमणि जी के जीवन से प्रेरक प्रसंग सुनाए गए। उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे आगे भी इस प्रकार के सेवाकार्यों में सक्रिय भागीदारी करेंगे और समाज में सहयोग एवं भाईचारे का संदेश फैलाएँगे।
यह शिविर कल, रविवार 24 अगस्त को भी सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित किया जाएगा। संस्था ने नगरवासियों, युवाओं एवं समाजसेवियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर रक्तदान करें और दादी जी के संदेश—“वसुधैव कुटुम्बकम” अर्थात पूरा विश्व ही एक परिवार है—को आत्मसात करें।
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Brahma Kumaris news